Saturday, August 30, 2008

पुंछ में हिंदुओं पर चुन-चुनकर हमले

पुंछ, जागरण संवाद केंद्र : सुनियोजित साजिश के तहत पुंछ जिले में बहुसंख्यक मुस्लिमों ने अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का तांडव छेड़ दिया है। लगातार दूसरे दिन रविवार को भी उपद्रवियों के झंड ने क‌र्फ्यू के बावजूद चुन-चुनकर हिंदुओं की दुकानें तोड़ीं और जला डालीं। दो मंदिरों पर पथराव किया। मोहल्ले पर धावा करने की कोशिश की। कई लोगों को पीटकर घायल कर दिया। इस सबके बावजूद प्रशासन ने बड़ी ढिठाई से अपनी आंखें बंद कर रखी हैं और अधिकारियों ने अपने मोबाइल स्विच आफ कर दिए हैं। इस सबसे हिंदुओं के लिए पुंछ में हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं।

शनिवार को पुंछ में आगजनी व लूटपाट पर काबू पाने में विफल रही पुंछ पुलिस ने रविवार सुबह साढ़े आठ बजे हिंदु मोहल्लों पर बिना कारण आंसूगैस के गोले दागे ताकि लोग बाहर न निकलें। सेना के जवानों की मौजूदगी में पुलिस ने हिंदू बहुल पंडिता मोहल्ले, शंकर मोहल्ले व किला मोहल्ले पर पुलिस ने जमकर आंसूगैस के शेल दागे गए। यह सब एक पुलिस अधिकारी के कहने पर हुआ। जब लोगों ने घरों से निकलकर विरोध करना शुरू किया तो पुलिसकर्मी वहां से खिसक गए। उसके बाद पुलिस ने पुरानी पुंछ मोहल्ले में आंसूगैस के दर्जनों गोले दागे जिसमें से एक गोला लगने से विमला देवी नामक महिला की टांग टूट गई। जब बार-बार कहने पर पुलिस ने आंसूगैस का प्रयोग बंद नहीं किया तो मोहल्ले के लोगों ने सड़कों पर आकर पुलिस पर पथराव किया।

क्रुद्ध लोगों ने पुरानी पुंछ में पुलिस का एक ट्रक भी तोड़ दिया। इसी दौरान, स्थिति का जायजा लेने के नाम पर आईजी जम्मू जोन के. राजेंद्र व डिवकाम सुधांशु पांडे पुंछ दौरे पर थे, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। एसपी बसंत रथ और डीसी मोहम्मद अफजल का मोबाइल स्विच आफ रहा।

बेकाबू हो रहे हालात को देख सुबह करीब ग्यारह बजे अतिरिक्त एसपी तारिक ने तनावग्रस्त क्षेत्रों में आकर माहौल शांत करवाया था। इसके बावजूद पुंछ से सटे गांव भैंच, दलेरा और खनेत्र में रहने वाले मुस्लिम मुख्य मार्गो पर एकत्रित हो गए। वहीं से एक रणनीति के तहत उन्होंने हिंदू क्षेत्रों में उत्पात मचाना शुरू कर दिया। प्रशासन की लापरवाही का उस समय पता चला जब रविवार सुबह मुस्लिमों ने खनेत्र से कनुइयां गांव तक हिंदुओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। इसकी सूचना हिंदुओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई, लेकिन 11 बजे तक प्रशासन ने गांव में उनको सुरक्षा मुहैया नहीं कराई।

मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने भैंच में चार दुकानों को आग लगा दी और वहां स्थित भैरो मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया। विरोध करने पर मुस्लिमों ने चार हिंदु लड़कों की पिटाई कर दी जिन्हें बाद में गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके उपरांत प्रदर्शनकारियों ने हिंदुओं के घरो की तरफ कूच कर दिया। भैंज गांव में जान बचाने के लिए हिंदुओं ने ग्राम सुरक्षा समिति की राइफलों से हवा में गोलियां चलाई जिस पर प्रदर्शनकारी भाग खड़े हुए। भागते समय उन्होंने कार और मेटाडोर को भी आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने दलेरा गांव में शिव मंदिर पर पथराव किया और भीतर जाकर तोड़फोड़ की। इस दौरान दो दुकानों को आग लगा दी। वहीं पर खड़ी एक कार व तीन मोटर साइकिलों को भी फूंक दिया गया। खनेत्र में भी दो दुकानों मे लूटपाट की गई। लेकिन निकट ही बीएसएफ का कैंप होने के कारण प्रदर्शनकारी भाग खड़े हुए।

सुबह ग्यारह बजे से दोपहर चार बजे तक मुस्लिमों का उत्पात जारी रहा। तब तक प्रशासन ने उक्त क्षेत्रों में सुरक्षों के कोई प्रबंध नहीं किए थे। हालात बेकाबू होते ही शाम छह बजे सेना ने इन क्षेत्रों में पेट्रोलिंग शुरू की। लूटपाट, आगजनी व धमकियों देने के चलते हिंदू दहशत में हैं। हिंदू संगठनों ने सरकार से मांग की है कि पुंछ में हिंदुओं की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करे।

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